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CCTV में कैद हुआ अस्पताल का हंगामा? डॉक्टरों से कथित मारपीट के बाद छिड़ा बड़ा विरोध-Video

 


कल्याण-डोंबिवली (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली में एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो गई। मंगलवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के प्रमुख अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण नियमित ओपीडी (आउट पेशेंट) सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, हालांकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह जारी रखी गईं।

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक इस मामले में नामजद सभी आरोपियों, जिनमें एक शिवसेना पार्षद भी शामिल हैं, की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला सोमवार रात डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई एक कथित हिंसक घटना से जुड़ा है।

जानकारी के अनुसार, 33 वर्षीय गर्भवती महिला प्रियंका उगमले को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि गर्भ में पल रहे शिशु की नाल (Umbilical Cord) दो बार उसकी गर्दन के चारों ओर लिपटी हुई थी। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों ने तुरंत सीजेरियन ऑपरेशन (C-Section) की आवश्यकता बताई।

हालांकि अस्पताल सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद नवजात को नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती थी। लेकिन अस्पताल का NICU पहले से ही पूरी तरह भरा हुआ था। ऐसे में डॉक्टर आसपास के अस्पतालों में NICU बेड उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे थे ताकि ऑपरेशन के बाद बच्चे का सुरक्षित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

इलाज में कथित देरी पर बढ़ा विवाद

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान मरीज के परिजनों ने कथित तौर पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे से संपर्क किया।

आरोप है कि पार्षद अस्पताल पहुंचे और इलाज में हो रही कथित देरी को लेकर डॉक्टरों से सवाल-जवाब करने लगे। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

डॉक्टरों का आरोप है कि पार्षद और उनके साथ आए लोगों ने अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट की।

CCTV फुटेज में क्या दिखा?

अस्पताल प्रशासन का दावा है कि घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।

बताया जा रहा है कि फुटेज में कथित तौर पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) के साथ मारपीट होती दिखाई देती है। इसके बाद अन्य डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की और हमला किया गया।

हालांकि इस फुटेज की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

डॉक्टरों का पक्ष

चिकित्सकों का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई थी।

उनके अनुसार, ऑपरेशन शुरू करने से पहले नवजात के लिए NICU बेड सुनिश्चित करना जरूरी था, क्योंकि बच्चे की हालत गंभीर हो सकती थी।

डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीज और नवजात दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया का पालन कर रहे थे।

मरीज को दूसरे अस्पताल किया गया शिफ्ट

घटना के बाद गर्भवती महिला प्रियंका उगमले को दूसरे नगर निगम अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

वहां डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक सीजेरियन ऑपरेशन किया और नवजात को NICU में भर्ती कर आवश्यक उपचार शुरू किया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मां और नवजात दोनों की चिकित्सा देखभाल जारी है।

FIR दर्ज, कई लोगों पर मामला

घटना के बाद एक डॉक्टर की शिकायत पर विष्णु नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस (प्रिवेंशन ऑफ वायलेंस एंड डैमेज टू प्रॉपर्टी) एक्ट, 2010 के तहत चार पुरुषों, जिनमें पार्षद रमेश म्हात्रे भी शामिल हैं, और एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

डॉक्टरों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित

घटना के विरोध में KDMC के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने सामूहिक हड़ताल शुरू कर दी।

हड़ताल के कारण—

  • नियमित ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं।

  • कई मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।

  • हालांकि इमरजेंसी सेवाएं, ट्रॉमा और गंभीर मरीजों का उपचार जारी रखा गया।

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध मरीजों के खिलाफ नहीं बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।

IMA ने भी दी चेतावनी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की कल्याण और डोंबिवली शाखाओं ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

एसोसिएशन ने कहा कि यदि बुधवार तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो IMA से जुड़े निजी डॉक्टर भी एकजुटता दिखाते हुए अपनी सेवाएं स्थगित करने पर विचार कर सकते हैं।

KDMC आयुक्त का आश्वासन

KDMC आयुक्त अभिनव गोयल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और प्रभावित डॉक्टरों से मुलाकात की।

उन्होंने डॉक्टरों और कर्मचारियों को औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया तथा आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी घोषणा की और डॉक्टरों से जल्द सेवाएं बहाल करने की अपील की।

स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे माहौल में चिकित्सा सेवाएं देना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा, त्वरित पुलिस सहायता और हिंसा के मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है ताकि डॉक्टर बिना भय के मरीजों का इलाज कर सकें।

कल्याण-डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई कथित मारपीट की घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय में नाराजगी पैदा कर दी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पतालों की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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